हिन्दू महिलाओं के बलात्कार पर चुप रहने वाले पीएम मोदी ‘ मुस्लिम’ महिलाओं का हमदर्द कैसे हो सकते है?

0

स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के कारण मुस्लिम महिलाओं के साथ गंभीर अन्याय होता है। इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए हम कोशिश कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि देश की मुस्लिम महिलाओं को यकीन दिलाता हूं कि संसद में कानून लाकर उन्हें इस कुरीति से मुक्त किया जाएगा। कुछ लोग नहीं चाहते की ये कानून आए और इसे पारित नहीं होने दे रहे हैं लेकिन हम अपनी बहनों की जिंदगी बर्बाद नहीं होने देंगे।

पीएम मोदी के इस बयान पर आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने तंज़ कसा है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “बेटियों(2014) से बहनों(2018) तक का जुमलेंद्र का यह सफर.. ना बेटियाँ सुरक्षित हैं ना ही बहनें.. बहन-बेटियों को भी अब हिन्दू-मुस्लिम में बांट दिया.. जो हिन्दू बेटियों को अपने हिन्दू नेताओं के हाथों बलात्कार पर चुप रहे, उससे मुस्लिम बहनें क्या उम्मीद रखेंगी”?

बता दें कि तीन तलाक संबंधी विधयेक को हाल ही में खत्म हुए संसद के मानसून सत्र में लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सका। विपक्षी दल इस पर और अधिक स्पष्टीकरण के लिए विधेयक को संसदीय समिति के समक्ष भेजने की मांग कर रहे थे।

विपक्ष आरोप लगाता रहा है कि मोदी सरकार और बीजेपी तीन तलाक के मुद्दे को हवा देकर ध्रुवीकरण करना चाहते हैं। ऐसे में लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी के तीन तलाक पर दिए गए भाषण को 2019 की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले यूपी के 2017 विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने इस मुद्दे को खूब हवा दी थी, जिसका फायदा पार्टी को जीत के रूप में मिला था। पार्टी ने इस बात का दावा किया था कि काफी मुस्लिम महिलाओं ने बीजेपी को यूपी चुनाव में वोट भी किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here